मंजिल उन्हें मिलती हैं, जिनके सपनों में जान होती है, पंख से कुछ नहीं होता, हौसले से उड़ान होती है। इस सुप्रसिद्ध पंक्ति को सुना तो सभी ने होगा पर इस पंक्ति के एक-एक शब्द को चरितार्थ किया है ग्वालियर की 6 वर्षीय नन्हीं परी मंत्रिता शर्मा ने। महज 8 माह की उम्र में स्वस्थ शिशु प्रतियोगिता से मंच संभालने वाली मंत्रिता ने एक वर्ष की आयु तक पहुंचते ही सुप्रसिद्ध महानाट्य रानी लक्ष्मीबाई में रानी के पुत्र दामोदर का जीवंत किरदार अभिनीत किया और युद्ध क्षेत्र में घुड़सवारी करती रानी लक्ष्मीबाई की पीठ पर बंधकर पूरे ग्वालियर को अपने अभिनय कौशल से परिचित करा दिया।
यहां से मंत्रिता के कदम मंजिल की ओर बढ़े और अभी महज 6 वर्ष की उम्र तक आते-आते देशभर के 800 से भी अधिक मंचों पर मंत्रिता ने अपने अभिनय कौशल और वक्तव्य कला का परिचय दिया। भाषा चाहे संस्कृत हो अथवा हिंदी, अंग्रेजी हो अथवा उर्दू, नन्हीं मंत्रिता ने जब भी एक-एक शब्द का सुस्पष्ट उच्चारण मंचों से किया तो सुनने वाले भी दांतों तले उंगली दबाते नजर आए।
दामोदर से लक्ष्मीबाई तक…
झांसी की रानी वीरांगना लक्ष्मीबाई की बलिदान स्थली ग्वालियर में प्रतिवर्ष 17-18 जून को बलिदान मेले का आयोजन किया जाता है। मेले में होने वाले महानाट्य में मंत्रिता ने महज 1 वर्ष 11 दिन की उम्र में सबसे पहले दामोदर का किरदार अभिनीत किया और उसके बाद से इसी महानाट्य में 2 वर्ष की उम्र से अभी तक निरंतर लगभग 10-12 बार मंत्रिता, मनु (वीरांगना लक्ष्मीबाई के बचपन का नाम) बनकर ग्वालियर ही नहीं झांसी व मुंबई वासियों के दिलों में भी अपनी खासी छाप छोड़ चुकी है।
फिल्म अभिनेता विवेक ओबेराय ने दिया ‘गुरूदेवी’ का टाइटल
कला की नगरी मुंबई में मंत्रिता शर्मा ने पहली बार कदम रखते ही सिने कलाकार श्री मुकेश खन्ना के साथ अभिनीत फिल्म ‘7साथ हैं’ में काम किया। इस फिल्म में मंत्रिता ने श्री मुकेश खन्ना की स्टूडेंट का किरदार निभाया। इसके बाद जी टीवी पर प्रसारित होने वाले रियलिटी शो ‘इंडियाज बेस्ट ड्रामेबाज सीजन 3’ में टॉप 20 तक अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। मंत्रिता शर्मा के अभिनय कौशल व संस्कृत की वक्तव्य कला से प्रभावित होकर सिने कलाकार श्री विवेक ओबेराय जी ने मनु को साक्षात् ‘गुरूदेवी’ का टाइटल भी दिया। प्रोफेशनल किड मॉडल के तौर पर भी मंत्रिता शर्मा अपना हुनर बखूबी आजमा चुकी है। जब भी ये नन्ही परी रैम्प पर उतरती है तो लोग दाँतों तले उंगलियां दबा लेते हैं। मंत्रिता शर्मा ग्वालियर के जेडी इंस्टीट्यूट की प्रोफेशनल किड मॉडल है।
अखिल भारतीय कवि सम्मेलनों में भी शिरकत
वक्तव्यकला में मंत्रिता की निपुणता सिर्फ अभिनय तक सीमित नहीं है बल्कि काव्यपाठ में भी मनु को 5-6 पृष्ठों की कविताएं मुंह जुबानी याद है। भारत रत्न श्री अटल बिहारी वाजपेयी जी की कई कविताएं मंत्रिता उन्हीं के अंदाज में मंच से प्रस्तुत करती है। 6 वर्ष की यह नन्ही बिटिया कई स्थानीय और अखिल भारतीय कवि सम्मेलनों में भी शिरकत कर चुकी है।
छात्र-छात्राओं को कर रही है जागरूक
अपनी व्यक्तिगत प्रतिभा को निखारने के साथ-साथ मंत्रिता शर्मा ने अभी तक लगभग 300 से ज्यादा स्कूलों में गुड टच - बेड टच को लेकर छात्र-छात्राओं को जागरूक किया है। लोगों को बेटियों को बचाने बेटियों को पढ़ाने और दहेज प्रथा का विरोध करने का संदेश मंत्रिता यथा संभव हर मंच से देती है।